Layun chhau bhag chhanti ki Garhwali song Lyrics in Hindi
Layun chhau bhag chhanti ki Garhwali song Lyrics in Hindi:-
यह गीत नरेन्द्र सिंह नेगी द्वारा लिखा और गाया गया है| इस गीत में एक समय के बाद व्यक्ति द्वारा अपने बीते समय और वर्तमान समय में उसके किए गए काम और उससे जुड़े लोगो के व्यक्तित्व मे होने वाले परिवर्तन को दिखाया गया है अतः जीवन के सत्य को दिखाया है|
Layun chhau bhag chhanti ki Garhwali song Lyrics Credits:-
Singer:- Narendra Singh Negi
Lyricist:- Narendra Singh Negi
Album:- Khud
Music Director:- Narendra Singh Negi
Music Label:- T-Series
Layun chhau bhag chhanti ki Garhwali song Lyrics
लयूँ छौ भाग छाँटी की
देयूँ छौ वेकू अंजुल्यो न
सलाह बिरणी सगोर अपड़ू
नि खे जाणी क्या कन तब
लयूँ छौ भाग छाँटी की
देयूँ छौ वेकू अंजुल्यो न
सलाह बिरणी सगोर अपड़ू
नि खे जाणी क्या कन तब
लयूँ छौ भाग छाँटी की
देयूँ छौ वेकू अंजुल्यो न
मनू औणान सेत्यां गोर
पल्या कुकुर गुराणा छिन
मनू औणान सेत्यां गोर
पल्या कुकुर गुराणा छिन
कि जौंका बाना बिसरू हेसणूँ
वी अपणा रूआणा छिन
निसाब(इंसाफ) अपड़ू अफी जब क्वी
नि कै जाणी क्या कन तब
लयूँ छौ भाग छाँटी की
देयूँ छौ वेकू अंजुल्यो न
सलाह बिरणी सगोर अपड़ू
नि खे जाणी क्या कन तब
लयूँ छौ भाग छाँटी की
देयूँ छौ वेकू अंजुल्यो न
जू लीगी पैछ्ंयू ह्यून्दू घाम
रूड़ी आई लौटाणू
जू लीगी पैछ्ंयू ह्यून्दू घाम
रूड़ी आई लौटाणू
के चोरी चैन ज्वानी म जैन
बुडेन्दा राई सौं खाणू
निसाब(इंसाफ) अपड़ू अफी जब क्वी
नि कै जाणी क्या कन तब
लयूँ छौ भाग छाँटी की
देयूँ छौ वेकू अंजुल्यो न
सलाह बिरणी सगोर अपड़ू
नि खे जाणी क्या कन तब
लयूँ छौ भाग छाँटी की
देयूँ छौ वेकू अंजुल्यो न
हो जे वृध्दि वू बैर्यू की
जू पीठी मा घो लगे गैनी
हो जे वृध्दि वू बैर्यू की
जू पीठी मा घो लगे गैनी
रयाँ राजी वो दगड़्या भी
जू मोल्या घो दुःखे गैनी
निसाब(इंसाफ) अपड़ू अफी जब क्वी
नि कै जाणी क्या कन तब
लयूँ छौ भाग छाँटी की
देयूँ छौ वेकू अंजुल्यो न
सलाह बिरणी सगोर अपड़ू
नि खे जाणी क्या कन तब
लयूँ छौ भाग छाँटी की
देयूँ छौ वेकू अंजुल्यो न
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