Hausia umar Garhwali song Lyrics in Hindi
Hausia umar Garhwali song Lyrics in Hindi :-
यह गीत नरेंद्र सिंह नेगी द्वारा लिखा और गाया गया है| यह गीत एक नौजवान के बिना रोक टोक की जिंदगी जीने को बताता है|
Hausia umar Garhwali song Lyrics Credits :-
Singer :- Narendra Singh Negi
Lyricist :- Narendra Singh Negi
Hausia umar Garhwali song Lyrics
टक त जूनी पर लगी
मी भूयाँ किलै देखू
भूयाँ किलै देखू
हौंसिया उमर च मेरी
कुछ ना बोला मैकू
हौंसिया उमर च मेरी
कुछ ना बोला मैकू
टक त जूनी पर लगी
मी भूयाँ किलै देखू
भूयाँ किलै देखू
हौंसिया उमर च मेरी
कुछ ना बोला मैकू
हौंसिया उमर च मेरी
कुछ ना बोला मैकू
धार को बथौऊँ छऊँ
बाँध की त देखा जरा
बसग्यली नयार छऊँ
बौगी जेल्या फूँडे सरा
धार को बथौऊँ छऊँ
बाँध की त देखा जरा
बसग्यली नयार छऊँ
बौगी जेल्या फूँडे सरा
ज्वानी को उमाल यो...
ओ...होओ................
ज्वानी को उमाल यो
बसाका नीच कैकू
हौंसिया उमर च मेरी
कुछ ना बोला मैकू
हौंसिया उमर च मेरी
कुछ ना बोला मैकू
टक त जूनी पर लगी
मी भूयाँ किलै देखू
भूयाँ किलै देखू
हौंसिया उमर च मेरी
कुछ ना बोला मैकू
हौंसिया उमर च मेरी
कुछ ना बोला मैकू
कैका सुपन्यो मा मी जान्द
कैथे सुपन्यो मा बुलान्द
कैकू नींद लुछदू चैन
कै हैसाँदू कै रूलाँदू
कैका सुपन्यो मा मी जान्द
कैथे सुपन्यो मा बुलान्द
कैकू नींद लुछदू चैन
कै हैसाँदू कै रूलाँदू
मायादार भौंर छऊँ...
ओ... होओ............
मायादार भौंर छऊँ
रसिया छौं फुलों को
हौंसिया उमर च मेरी
कुछ ना बोला मैकू
हौंसिया उमर च मेरी
कुछ ना बोला मैकू
टक त जूनी पर लगी
मी भूयाँ किलै देखू
भूयाँ किलै देखू
हौंसिया उमर च मेरी
कुछ ना बोला मैकू
हौंसिया उमर च मेरी
कुछ ना बोला मैकू
पौड़ू मा को पाणी
कखी रूकदू ना समाँदू छौऊँ
बिराणी पीठी मा खान्दू
करदू ना कमाँदू छौऊँ
पौड़ू मा को पाणी
कखी रूकदू ना समाँदू छौऊँ
बिराणी पीठी मा खान्दू
करदू ना कमाँदू छौऊँ
ब्वे बबू कमायूँ चा...
ओ... होओ...........
ब्वे बबू कमायूँ चा
क्या कन पढ़ेयी लिखेकू
हौंसिया उमर च मेरी
कुछ ना बोला मैकू
हौंसिया उमर च मेरी
कुछ ना बोला मैकू
टक त जूनी पर लगी
मी भूयाँ किलै देखू
भूयाँ किलै देखू
हौंसिया उमर च मेरी
कुछ ना बोला मैकू
हौंसिया उमर च मेरी
कुछ ना बोला मैकू
भला नी लगदा दाना सयणा
टोक्या ट्वकी मे नी स्वाँद
मेपरे बोल्यूँ नी लगद
अड़ायू समझ नी आन्द
भला नी लगदा दाना सयणा
टोक्या ट्वकी मे नी स्वाँद
मेपरे बोल्यूँ नी लगद
अड़ायू समझ नी आन्द
द्वी दिनै की ज्वनी या...
ओ... होओ..............
द्वी दिनै की ज्वनी या
रो रो की बितौ केकू
हौंसिया उमर च मेरी
कुछ ना बोला मैकू
हौंसिया उमर च मेरी
कुछ ना बोला मैकू
टक त जूनी पर लगी
मी भूयाँ किलै देखू
भूयाँ किलै देखू
हौंसिया उमर च मेरी
कुछ ना बोला मैकू
हौंसिया उमर च मेरी
कुछ ना बोला मैकू
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